सोमवार, 23 अगस्त 2010

आईआरसीटीसी की रेलवे बोर्ड को चुनौती!

ओ.पी. पाल
शिरडी (अहमदनगर)। भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन कारपोरेशन लि. ने पर्यटन पैकेज शुरू करके रेलवे बोर्ड के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें रेलवे बोर्ड आईआरसीटीसी से खानपान की जिम्मेदारी वापस लेना चाहता है, हालांकि रेलवे बोर्ड अभी तक इस फैसले को लेकर असमंजस की स्थिति में है। यही कारण है कि रेलवे बोर्ड कोई विकल्प न मिलने पर अभी तक रेलवे की खानपान की जिम्मेदारी आईआरसीटी से वापस लेने की हिम्मत नहीं जुटा सका है।
आईआरसीटीसी ने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन पैकेज की योजना को तेज कर दिया है, जिसमें शिरडी के विशेष पैकेज में देश के विभि न्न राज्यों से करीब डेढ़ सौ पर्यटकों ने हिस्सा लिया, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मंगला एक्सप्रेस में आईआरसीटीसी के दो वातानुकूलित चार्टर कोच में सवार होकर शिरडी सांई धाम पहुंचे। आईआरसीटीसी के इस पैकेज में आये पर्यटकों से हरिभूमि की विशेष बातचीत हुई, जिन्हें रेलवे के कारण कुछ कठिनाईयों का तो सामना करना पड़ा, लेकिन पर्यटकों की नजर में आईआरसीटीसी का शिरडी पैकेज में दी गई सुविधाएं संतोषजनक हैं। शिरडी के विशेष पैकेज की सफलता के बाद आईआरसीटीसी के तीर्थ यात्रा के मनभावन रेल टूर पैकेज में वैष्णो देवी तथा भारत दर्शन पैकेज में देशभर के धामों की यात्रा पैकेज की योजना बनाई है। यही नहीं आईआरसीटीसी ने राष्ट्रमंडल खेल के लिए विशेष यात्रा पैकेजों की भी घोषणा की है जिसमें विदेशी पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने का वायदा किया गया है। शिरडी में साईंबाबा के दर्शन करने के बाद इस विशेष पैकेज में शामिल लखनऊ की डा. शिवांगी गुप्ता ने कहा कि ऐसे पैकेज का उनका अनुभव अच्छा रहा है। शिरडी पैकेज में आईआरसीटीसी की सुविधाओं ने शिरडी की यात्रा को आसान बनाया। उन्होंने रेल यात्रा के दौरान आईआरसीटीसी के खानपान की गुणवत्ता और व्यवस्था को भी सराहा। दिल्ली के महेन्द्र कुमार ने कहा कि वह पहली बार अपने परिवार के साथ इस पैकेज में आये हैँ जिसमें उनका अनुभव अच्छा रहा। दिल्ली से शिरडी तक की यात्रा और यहां सार्इंबाबा के दर्शन जितनी आसानी से हो गये उसकी सुविधा भी उम्मीदों पर खरी उतरी। दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त निरीक्षण एल.आर. नागर का कहना है कि वह भी पहली बार आईआरसीटसी के टूर पैकेज में अपने परिवार के साथ आए हैं जो अन्य यात्राओं से कहीं बेहतर है। नोएडा के रामप्रकाश ने कहा कि दिल्ली से मनमाड़ रेलवे स्टेशन पर आईआरसीटीसी के दोनों चार्टर कोच को ऐसे रेलवे ट्रेक पर काटकर खड़ा कर दिया गया, जिससे उसमें सवार पर्यटक किसी भी प्लेटफार्म पर जाना संभव नहीं था। इसके लिए जिम्मेदार रेलवे है या आईआरसीटीसी यह कहना मुश्किल है, लेकिन आईआरसीटीसी ने जो पैकेज में कहा था उसमें इस गैरजिम्मेदारान घटना से सभी पर्यटकों को करीब ढ़ाई घंटे वहीं रहना पड़ा। इस पहलू को छोड़ दिया जाए तो यात्रा पैकेज बेहतर है। नोएडा के प्रोपर्टी के व्यवसाय से जुड़े जैन ने आईआरसीटीसी के कार्यो की सराहना करते हुए यह सु­झाव दिया है कि आईआरसीटीसी को हर माह यह पैकेज जारी रखना चाहिए और खाने की भी गुणवत्ता सही है लेकिन उसमें और भी सुधार करने की जरूरत है। आईआरसीटीसी के रेल यात्रा पैकेज शुरू करने की इस नीति को उस लिहाज से भी देखा जा रहा है कि रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी से खानपान छीनने का फैसला किया है जिसके कारण आईआरसीटीसी ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटकों को आकर्षित करने का निर्णय लिया है। यह भी माना जा रहा है कि अभी तक रेल यात्रियों को खाना आईआरसीटीसी द्वारा ही परोसा जा रहा है, इसका कारण है कि रेलवे बोर्ड को किसी अन्य कंपनी से इसका विकल्प नहीं मिल रहा है, जिसके कारण फिलहाल रेलवे आईआरसीटीसी पर ही निर्भर है, लेकिन रेलवे बोर्ड के इस फैसले से आईआरसीटीसी के हजारों कर्मचारियों पर रोजगार छीन जाने की तलवार लटकी हुई है। सूत्रों का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने खानपान के काम को फिलहाल आईआरसीटीसी को जारी रखने के लिए कह दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि रेलवे बोर्ड के फैसले के बाद आईआरसीटीसी ने अन्य स्रोतों की खोज शुरू कर दी है, जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जारी पैकेजों में तेजी लाने की योजनाओं कोअंजाम दिया है। यानि माना जा सकता है कि आईआरसीटीसी इन पैकेजों के जरिए रेलवे बोर्ड के फैसलें को अप्रत्यक्ष रूप से चुनौती दे रहा है।

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