मंगलवार, 21 दिसंबर 2010

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का ऐलान

ओ.पी. पाल
कांगे्रस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने भ्रष्टाचार को देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा करार देत हुए कहा कि भ्रष्टाचार के लिए जंग शुरू करनी चाहिए जिसमें पार्टी ने कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों से ऐसे अधिकारों (भूमि आवंटन के विवेकाधीन अधिकार) की समीक्षा कर और उन्हें त्याग कर मिसाल कायम करने को कहा है।पार्टी के महाधिवेशन के मंच से बोलते हुए सोनिया गांधी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का ऐलान करते हुए कहा कि उनका मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग ऐसे शुरू की जाए, जिसके लिए एक ऐसी नयी व्यवस्था बनायी जाए, जिसमें राजनीतिज्ञों सहित सरकारी मुलाजिमों के भ्रष्टाचार के मामलों को फास्ट ट्रैक के आधार पर लिया जाए। भ्रष्टाचार से निपटने के लिये एक तंत्र बनाने पर बल देते हुए सोनिया ने कहा कि हम ऐसा तंत्र क्यों नहीं बना सकते, जो भ्रष्टाचार के मामलों को तय समयसीमा के भीतर निपटा सके। इस तरह के मामले लंबा खिंचने से लोगों का विश्वास टूटता है। इस तंत्र से दोषियों को तुरंत दंडित किया जा सकेगा और उन लोगों को दोषमुक्त किया जा सकेगा, जिन पर अनुचित आरोप लगाये गये हैं। दूसरे सुझाव में उन्होंने एक कानून के जरिए ऐसी सहज प्रक्रिया बनाने की बात कही, जिसमें सार्वजनिक खरीद और ठेकों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जा सके। यह प्रशासन की जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वह इस प्रक्रिया के कार्यान्वयन में किसी तरह की ढिलाई न आने दे और कोर्ई गड़बड़ी हच्ने पर मामले की सूचना देने वाले को पूर्ण सुरक्षा दे। भ्रष्टाचार से निपटने के अपने तीसरे सुझाव में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस बात के बहुत से सबूत हैं कि सभी तरह के विशेषाधिकारों से खास तौर पर भूमि आवंटन के मामलों में भ्रष्टाचार पनपता है। वह कांग्रेस शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्र तथा राज्यों के अपने मंत्रियों से कहा कि वे इन विशेषाधिकारों को त्याग कर एक उदाहरण पेश करें। अपने चौथे सुझाव में सोनिया ने कहा कि हमें प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में एक खुली और प्रतिस्पर्धात्मक व्यवस्था बनाने की जरूरत है। उन्होंने 2009 के चुनाव के अपने घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने ऐसा वायदा किया था और अब इसकी आवश्यकता और बढ़ गयी है। इस संदर्भ में सोनिया ने महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कांग्रेसजनों से कहा कि वे अपनी ईमानदारी और शुचिता पर किसी तरह का संदेह पैदा नहीं होने दें। उन्होंने कहा कि जो पार्टी गरीबों का प्रतिनिधि होने का दावा करे, उसके लोगों के लालच और विलासिता में जीना- इन दोनों बातों में कोई मेल नहीं है।

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