गुरुवार, 11 नवंबर 2010

भ्रष्टाचार मुद्दे पर सरकार घेरने को तैयार विपक्ष

संसद का शीतकालीन सत्र
ओ.पी. पाल
संसद का शीतकालीन सत्र मंगलवार को जैसे ही शुरू होगा तो विपक्ष यूपीए सरकार को खासकर भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर उसे घेरने के लिए तैयार होगा, जबकि कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने भी विपक्ष का मुकाबला करने के लिए अपनी खास रणनीति तैयार की है। इसलिए संसद के इस सत्र की शुरूआत हंगामेदार होने की संभावना है।
संसद के मंगलवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहेगा और एकजुट विपक्ष राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार, 2जी-स्पेक्ट्रम एवं आदर्श हाउसिंग सोसाइटी सहित विभिन्न घोटालों को सदन में उठाएगा। इस दौरान सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के आसार हैं। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने जहां धमकी दी है कि यदि घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती तो वह सदन नहीं चलने देगी वहीं कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कुछ लोगों के कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के मुद्दे पर विपक्ष पर हमले की रणनीति बनायी है। आदर्श हाउसिंग घोटाला विपक्ष के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार पर हमला करने के लिए हथियार बन गया है। इसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण भी कथित रूप से शामिल है। विपक्ष सदन में क्या रुख अपनाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाले राजग और वाम दलों ने इस बात के संकेत दे दिये हैं कि घोटालों को लेकर वे सरकार की घेराबंदी करेंगे। दूसरी ओर संसद सत्र के दौरान विपक्ष का सामना करने के लिए कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है, ताकि विपक्ष को मुहंतोड़ जवाब दिया जा सके। इससे पहले मानसून सत्र के पहले उसने विपक्ष के महंगाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में विलंब के मुद्दे पर कांग्रेस ने अमित शाह प्रकरण के जरिए चुनौती का सामना किया था। सूत्रों के अनुसार वहीं इस बार प्रमुख विपक्षी दल भाजपा की ओर से आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले और राष्ट्रमंडल खेलों में हुए कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे का सामना करने के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सीधा निशाना साधकर अपना बचाव करने की तैयारी में है। पिछले सप्ताह ही संपन्न हुई एआईसीसी की बैठक में कांग्रेस के इरादे साफ नजर आ गये थे कि वह संसद सत्र में विपक्ष के मुद्दों के लिए कौन सा हथियार प्रयोग करेगा। लेकिन भाजपा भी इस बात को लेकर पूरी तरह से सजग है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार व घोटाले के मुद्दे पर अपना बचाव संघ के नेताओं को आतंकवाद से जोड़ने वाले हथियार को सामने लाएगी, इसलिए भाजपा पहले से ही कांग्रेस को संघ के नेताओं को आतंकवाद से जोड़ने का मामला संसद में उठाकर सरकार को घेरेगी। कांग्रेस को यह भलीभाति अहसास है कि अयोध्या मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आए फैसले से भाजपा और संघ परिवार लाभ लेने का प्रयास करेंगे इसीलिए भगवा आतंकवाद का मुद्दा उछाल दिया गया है। अब वह संघ जोकि सरकार को घेरे रहने में कोई कसर नहीं छोड़ता वह अपने बचाव में उतर आया है और देशव्यापी धरने के माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि उसे बदनाम करने की साजिश की जा रही है। हालांकि इस मुद्दे पर भाजपा को समूचे विपक्ष का साथ मिलना संभव नहीं है, लेकिन वह अन्य मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास जरूरत कर रही है। हालांकि सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास भ्रष्टाचारव घोटालों के अलावा महंगाई और किसानों के मुद्दे भी हैं, जिस पर विपक्ष की एकजुटता संभव है। हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र का पहले दिन प्रश्नकाल होने की संभावनाएं क्षीण हैं और पहला दिन भ्रष्टाचारऔर घोटालों पर एकजुट विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ना तय माना जा रहा है।

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