गुरुवार, 11 नवंबर 2010

राष्ट्रमंडल खेल से बढ़ी सीवीसी की ताकत!

हेल्पलाइन पर शिकायतों की भरमार
ओ.पी. पाल
राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियो में हुई अनियमितताओं को उजागर करने वाले केंद्रीय सतर्कता आयोग यानि सीवीसी इतनी लोकप्रिय साबित हुई कि आयोग द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन पर बेताहाशा शिकायतें आनी शुरू हो गई हैँ।
19वें राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में कथित रूप से हुए भ्रष्टाचार का मामला देश में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में सुर्खियों में रहा है, जिसका जिक्र आते ही इस भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले केंद्रीय सतर्कता आयोग का नाम आना लाजमी है। भ्रष्टाचार निरोधी संस्था के रूप में कार्य कर रहे केंद्रीय सतर्कता आयोग ने दो सप्ताह पहले ही लोगों की प्रतिक्रियाएं और शिकायतें सुनने के लिए एक हेल्पलाइन की शुरूआत की। करीब 11 दिन पहले शुरू हुई इस टोल फ्री हेल्पलाइन का जैसे लोगों को बेसब्री से इंतजार था इस बात से तो यही जाहिर हो रहा है कि इस नई हेल्पलाइन के टोलफ्री टेलीफोन नंबरों पर इतनी कॉलें आ रही हैं शायद ही किसी अन्य विभागों की हेल्पलाइन पर इतनी कालें आती हों। इसका अर्थ यह लगाया जा सकता है कि भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। आयोग के सूत्रों के अनुसार करीब 11 दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिये शुरू की गयी भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले लोगों की ओर से ढेरों कॉल किये जा रहे हैं। केंद्रीय सतर्कता आयोग के अनुसार लोगों की ओर से काफी प्रतिक्रिया आयी है। हमारी लाइनों पर दिन भर में ढेरों कॉल किये जा रहे हैं। हेल्पलाइन पर दिन में औसतन 250 से 300 कॉल आते हैं। अनियमितताओं का सामना कर रहे असंतुष्ट लोग सीवीसी की ओर से शुरू किये गये टोल फ्री नंबर 1800-1 1-0180 और 011-24651000 पर फोन कर रहे हैं, ताकि सरकारी कर्मियों को अनुचित तौर पर फायदा पहुंचाने या उन्हें खुश करने की मांग के कारण किसी काम को बेवजह लंबित करने से जुड़ी समस्याएं न आ पायें। सीवीसी की यह हेल्पलाइन सुबह 10 से शाम पांच बजे तक चालू रहती है, लेकिन जिस प्रकार बड़ी संख्या में शिकायती कॉले आ रही है उससे लगता है कि लोग जागरूक हुए हैं और सीवीसी के प्रति उनका विश्वास बना हुआ है, जिसने राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियो में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करके केंद्र व दिल्ली सरकार के अलावा राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति को मुश्किल में डाला हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से यह सेवा शुरू किये बमुश्किल 10 दिन हुए हैं और इसे लेकर प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। इस नयी पहल का विवरण देते हुए अधिक कोई भी हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर उसके साथ हुई नाइंसाफी या प्रताड़ना की शिकायत कर सकता है। वह सीधे मुख्य सतर्कता कार्यालय या संबंधित विभाग से संपर्क कर सकता है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि मुख्य सतर्कता अधिकारी फोन करने वाले सभी विवरण ले लेता है और यह जांच करता है कि समस्या वास्तविक है या नहीं। इसके अनुरूप ही जरूरी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कॉल सेंटर स्थापित करने के पीछे लक्ष्य भ्रष्टाचार पर नजर रखने के अलावा बेवजह का खलल पैदा किये बिना काम पूरा करना है। लोग केंद्र सरकार के मंत्रालयों और एमसीडी, एनडीएमसी तथा डीडीए जैसे विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में रिश्वतखोरी तथा अन्य समस्याओं के बारे में अपनी शिकायतें कर सकते हैं।

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